यह लेख स्वामिनारायण अक्षरधाम, नई दिल्ली में स्थापित की जा रही 108 फीट ऊंची प्रतिमा के बारे में जानकारी देता है।
मुख्य बातें:
* प्रतिमा किसकी है: यह प्रतिमा भगवान स्वामिनारायण के बाल्यकाल (बचपन) की है, जब उन्हें श्रीनीलकंठ वर्णी के नाम से जाना जाता था।
* प्रतिमा का स्वरूप: प्रतिमा में श्रीनीलकंठ वर्णी को एक पैर पर खड़े, दोनों भुजाएं आकाश की ओर उठाए हुए, गहरे ध्यान की अवस्था में दिखाया गया है। यह वही मुद्रा है जिसमें वे नेपाल के मुक्तिनाथ में तपस्या करते थे।
* महत्व: यह प्रतिमा तप, त्याग और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है।
* अनावरण: प्रतिमा का अनावरण और पूजन मार्च 2026 के अंत में किया जाएगा, हालांकि तारीख अभी तय नहीं है।
लेख में यह भी बताया गया है कि प्रतिमा अभी भी निर्माण के अधीन है, लेकिन इसकी ऊंचाई से ही यह अक्षरधाम के आसपास के रास्तों और फ्लाईओवर से ध्यान आकर्षित कर रही है।









