2026-01-12 16:57:00
जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा का ऐलान किया है. इससे भारतीय यात्रियों को जर्मनी के एयरपोर्ट के जरिए किसी तीसरे देश की यात्रा करने में बड़ी राहत मिलेगी. अब उन्हें अलग से ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन नहीं करना होगा.
इस फैसले की घोषणा भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में की गई, जो जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा के बाद जारी किया गया. यह मर्ज की भारत की पहली और चांसलर बनने के बाद एशिया की भी पहली यात्रा थी.
वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा का मतलब
सरल शब्दों में कहें तो अगर कोई भारतीय यात्री जर्मनी के किसी एयरपोर्ट से होकर किसी अन्य देश जा रहा है, तो अब उसे ट्रांजिट वीजा नहीं लेना पड़ेगा. इससे यात्रा आसान होगी, समय बचेगा और कागजी प्रक्रिया कम होगी.
भारत-जर्मनी का जॉइंट स्टेटमेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले के लिए जर्मन चांसलर का धन्यवाद किया. संयुक्त बयान में कहा गया कि यह कदम न सिर्फ भारतीय नागरिकों की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच ‘पीपल-टू-पीपल रिलेशन’ को और मजबूत करेगा. दोनों नेताओं ने कहा कि मजबूत जन-संपर्क भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी का अहम आधार है.
दोनों पक्षों ने छात्रों, शोधकर्ताओं, स्किल्ड प्रोफेशनल्स, कलाकारों और पर्यटकों के बढ़ते आदान-प्रदान का स्वागत किया. साथ ही जर्मनी की अर्थव्यवस्था, इनोवेशन और सांस्कृतिक जीवन में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की गई. एजुकेशन, रिसर्च, वोकेशनल ट्रेनिंग, कल्चर और यूथ एक्सचेंज में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने का न्योता
बैठक में एजुकेशन और स्किल्स पर खास चर्चा हुई. जर्मनी में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या, जॉइंट और ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों के विस्तार और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को अहम बताया गया. दोनों देशों ने उच्च शिक्षा के लिए एक व्यापक भारत-जर्मनी रोडमैप बनाने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने का भी न्योता दिया.
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